पूर्व मुखिया, शिक्षक एवं ग्राम प्रधान के रूप में छोड़ी अमिट छाप; झामुमो जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने पार्टी ध्वज ओढ़ाकर दी भावभीनी श्रद्धांजल
पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह क्षेत्र अंतर्गत पैरागुरी गांव ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने अपना जीवन शिक्षा, जनसेवा और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में समर्पित किया। पंचायत बड़ाखुर्शी के पूर्व मुखिया, पूर्व शिक्षक, पैरागुरी गांव के ग्राम प्रधान एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व जिला सदस्य बासन्ती प्रसाद सिंह के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन को राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन शोक संवेदना व्यक्त करने पैरागुरी गांव स्थित दिवंगत बासन्ती प्रसाद सिंह के आवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा का पार्टी ध्वज ओढ़ाकर दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। माहौल उस समय भावुक हो उठा, जब उपस्थित लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय व्यक्तित्व को अंतिम विदाई दी।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि बासन्ती प्रसाद सिंह का संपूर्ण जीवन जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, सामाजिक सद्भाव और मिलनसार व्यक्तित्व का प्रेरणादायक उदाहरण रहा। उन्होंने शिक्षक के रूप में नई पीढ़ी को दिशा दी, जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और ग्राम प्रधान के रूप में सामाजिक एकता एवं सामुदायिक दायित्वों को मजबूती प्रदान की।
उन्होंने कहा कि बासन्ती प्रसाद सिंह का सरल स्वभाव, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा। उनका जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि समाज और संगठन के लिए एक अनुभवी मार्गदर्शक का खो जाना है। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
विक्टर सोरेन ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान जिला सचिव रतन महतो, बदल किस्कू, ओमनी महतो, नीलकांत महतो, मंटू महतो सहित झामुमो के अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
बासन्ती प्रसाद सिंह का सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में दिया गया योगदान क्षेत्र के लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक बना रहेगा।