संकट की घड़ी में मददगार बने शमशेर खान, गंभीर हालत में मरीज को पहुंचाया अस्पताल


मंगलवार शाम शादपुर-धोराडीह गांव में बिगड़ी हासू होदा की तबीयत; बेटे मोहम्मद हनीफ की परेशानी के बीच आगे आए मुसाबनी के नवनिर्वाचित कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष, बजबज के अस्पताल में आईसीयू में चल रहा इलाज।

जमीनी आवाज | विशेष रिपोर्ट

घाटशिला/मुसाबनी: मुसीबत के समय किसी जरूरतमंद का हाथ थामना ही सच्ची मानवता है। जब किसी परिवार पर अचानक संकट टूट पड़ता है, तब मदद के लिए आगे आने वाला व्यक्ति उसके लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। मंगलवार की शाम घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के शादपुर-धोराडीह गांव में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब हासू होदा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनके परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया। इस मुश्किल घड़ी में मुसाबनी प्रखंड के नवनिर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष शमशेर खान ने तत्परता दिखाते हुए मरीज को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की पहल की।

पिता की बिगड़ती हालत से परेशान थे मोहम्मद हनीफ

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम हासू होदा को छाती में तेज दर्द होने लगा और सांस लेने में परेशानी होने लगी। अचानक बिगड़ी तबीयत से परिवार के लोग घबरा गए। पिता की हालत देखकर उनके पुत्र मोहम्मद हनीफ काफी चिंतित थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में क्या किया जाए और पिता को बेहतर इलाज के लिए कहां ले जाया जाए। इसी दौरान शमशेर खान मदद के लिए आगे आए और मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की।

बजबज के अस्पताल में भर्ती, आईसीयू में चल रहा इलाज

शमशेर खान की पहल के बाद हासू होदा को पश्चिम बंगाल के बजबज स्थित जगन्नाथ गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। फिलहाल मरीज को आईसीयू में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी स्थिति अभी नियंत्रण में बताई जा रही है। उनके पुत्र मोहम्मद हनीफ भी अस्पताल में उनके साथ मौजूद हैं।

जनसेवा की भावना ने पेश की मानवता की मिसाल

सूरदा निवासी शमशेर खान जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। हासू होदा की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने जिस तत्परता से मदद की पहल की, उससे संकट में फंसे एक परिवार को सहारा मिला। ऐसी परिस्थितियों में समय पर सहायता और चिकित्सा सुविधा तक पहुंचने की पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

राजनीति से ऊपर मानवता, यही समाज की असली ताकत

किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके पद या राजनीतिक संबद्धता से नहीं, बल्कि जरूरत के समय उसके व्यवहार और कर्मों से भी होती है। जब कोई परिवार परेशानी में हो, तब उसकी मदद के लिए आगे आना सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। शमशेर खान की इस पहल ने मानवीय संवेदना और जनसेवा के महत्व को रेखांकित किया है।

जमीनी आवाज का संदेश: मानव सेवा किसी राजनीतिक दल या विचारधारा की मोहताज नहीं होती। किसी की जिंदगी संकट में हो, तो उसकी मदद के लिए आगे आना ही सबसे बड़ा मानवीय धर्म है। राजनीति से ऊपर इंसान और हर पहचान से ऊपर मानवता है।