जमीनी आवाज | विशेष रिपोर्ट

कहरपुरवा, गोल्हौरा | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश

खगोलविद अमरपाल सिंह की रिपोर्ट

डॉ. कलाम के सपनों को नई उड़ान: कासिम इंटर कॉलेज में विज्ञान, करियर और साइबर सुरक्षा का पाठ

सूर्य के सुरक्षित अवलोकन से अंतरिक्ष विज्ञान तक विद्यार्थियों ने जाना विज्ञान का महत्व; डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन और शिवनगर डिड़ई पुलिस की संयुक्त पहल।

कहरपुरवा, गोल्हौरा (सिद्धार्थनगर)। सपने तभी हकीकत का रूप लेते हैं, जब उन्हें सही दिशा, ज्ञान और मेहनत का सहारा मिलता है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर कासिम इंटर कॉलेज, कहरपुरवा में आयोजित विज्ञान जागरूकता, करियर मार्गदर्शन एवं साइबर सुरक्षा कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को इसी दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (DANSF) और थाना शिवनगर डिड़ई पुलिस के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ अंतरिक्ष विज्ञान, भविष्य के करियर विकल्पों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि देने के साथ उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुशासन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।

सूर्य के सुरक्षित अवलोकन ने बढ़ाई विद्यार्थियों की जिज्ञासा

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सूर्य के सुरक्षित अवलोकन से जुड़ी गतिविधि रही। विद्यार्थियों को सुरक्षित सोलर फिल्टर और सोलर बबल तकनीक के माध्यम से सूर्य के अवलोकन की जानकारी दी गई। इस गतिविधि ने खगोल विज्ञान को करीब से समझने और पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान किया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि सूर्य का अवलोकन करते समय आंखों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए केवल उपयुक्त और प्रमाणित सौर-अवलोकन उपकरणों तथा निर्धारित सुरक्षित विधियों का उपयोग करना चाहिए। सामान्य धूप के चश्मे या बिना उपयुक्त सुरक्षा वाले उपकरणों से सूर्य को सीधे देखना आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग, अवलोकन और सवालों के माध्यम से समझने की यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

अंतरिक्ष विज्ञान से करियर निर्माण तक मिली जानकारी

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि मजबूत इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर मेहनत के सहारे बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। इसी प्रेरणा के साथ विद्यार्थियों को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट प्रौद्योगिकी, उपग्रह, खगोल विज्ञान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जिज्ञासा, नियमित अध्ययन, प्रयोग करने की प्रवृत्ति और सही मार्गदर्शन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस पहल ने विद्यार्थियों के सामने विज्ञान को केवल एक शैक्षणिक विषय के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोलने वाले क्षेत्र के रूप में समझने का अवसर प्रस्तुत किया।

डिजिटल दुनिया में सुरक्षा के लिए पुलिस ने किया जागरूक

आज इंटरनेट और स्मार्टफोन शिक्षा, संवाद तथा जानकारी हासिल करने के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। हालांकि, इनके बढ़ते उपयोग के साथ साइबर धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए थाना शिवनगर डिड़ई पुलिस की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। बच्चों को पासवर्ड सुरक्षित रखने, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने, संदिग्ध संदेशों के प्रति सतर्क रहने और ऑनलाइन ठगी की स्थिति में उचित सहायता लेने के महत्व के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल तकनीक का उपयोग ज्ञान और विकास के लिए करें, लेकिन ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी और जिम्मेदारी को कभी नजरअंदाज न करें।

विज्ञान शिक्षा के साथ साइबर सुरक्षा को जोड़ने वाली यह पहल विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में उपयोगी रही।

विद्यालय प्रबंधन, फाउंडेशन और पुलिस की रही सहभागिता

कार्यक्रम में कासिम इंटर कॉलेज के प्रबंधक मोहम्मद सोहब, प्रधानाचार्य और विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे। डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की ओर से समन्वयक राज नारायण और आदर्श मणि ने कार्यक्रम के संचालन तथा विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की।

थाना शिवनगर डिड़ई की ओर से उपस्थित पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक संजय राय, उपनिरीक्षक चंद्रशेखर यादव, महिला हेड कांस्टेबल नीलम शुक्ला, कांस्टेबल बृजेश यादव, कांस्टेबल जगदीश प्रजापति, कांस्टेबल गुड्डू यादव, कांस्टेबल पंकज राम, कांस्टेबल विकास कुमार, महिला कांस्टेबल प्रतिमा दूबे, महिला कांस्टेबल रोशनी शुक्ला और महिला कांस्टेबल शिवानी शामिल रहे।

शिक्षकों, फाउंडेशन के प्रतिनिधियों और पुलिसकर्मियों की सहभागिता से विज्ञान जागरूकता, करियर मार्गदर्शन और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान संबंधी गतिविधियों में रुचि लेने, अपने भविष्य की दिशा तय करने और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने से जुड़ी जानकारियां प्राप्त करने का अवसर मिला।

डॉ. कलाम के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पहचान केवल एक महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति के रूप में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और ज्ञान के बल पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी रही है। वे शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और युवा प्रतिभा को देश के भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत मानते थे।

कासिम इंटर कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम उनके विचारों को विद्यार्थियों के जीवन से जोड़ने की एक पहल रहा। विज्ञान के व्यावहारिक अनुभव, करियर संबंधी मार्गदर्शन और साइबर सुरक्षा की जानकारी के माध्यम से बच्चों को ज्ञान, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

यह पहल इस बात को भी रेखांकित करती है कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जमीनी आवाज की नजर में

किसी महान व्यक्तित्व की जयंती का वास्तविक महत्व तभी बढ़ता है, जब उनके विचार अगली पीढ़ी के ज्ञान, व्यवहार और भविष्य निर्माण का हिस्सा बनें। डॉ. कलाम के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण के सपने को विद्यार्थियों तक पहुंचाने वाली ऐसी पहलें बच्चों में सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दे सकती हैं।

संदेश स्पष्ट है—सपने देखिए, विज्ञान को समझिए, ज्ञान बढ़ाइए और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहते हुए अपने भविष्य का निर्माण कीजिए। यही डॉ. कलाम के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक रास्ता है।

खगोलविद अमरपाल सिंह की रिपोर्ट