जमीनी आवाज | विशेष रिपोर्ट

लेखक: अमर पाल सिंह

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | संपादकीय प्रस्तुति: असित भट्टाचार्य

गोरखपुर से गुजरात तक विज्ञान की उड़ान! राष्ट्रीय मंच पर प्रतिभा दिखाएंगे पूर्वांचल के 26 विद्यार्थी

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के प्रयासों को मिली सफलता, छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल-2026 में चयनित विद्यार्थियों को मिला अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर।

24 और 25 अक्टूबर को गुजरात के अंकलेश्वर में होगा आयोजन; विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की पहल।

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। जरूरत होती है उसे पहचानने, सही दिशा देने और आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने की। इसी सोच को साकार करने की दिशा में डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (DANSF), गोरखपुर के प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

गोरखपुर एवं बस्ती मंडल के विभिन्न विद्यालयों के 26 विद्यार्थियों का चयन गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित होने वाले छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल-2026 के लिए हुआ है। यह आयोजन 24 और 25 अक्टूबर को होगा। इसमें पूर्वांचल के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रीय मंच पर पूर्वांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के शैक्षणिक मार्गदर्शन और विभिन्न संस्थानों के सहयोग से पूर्वांचल के विद्यार्थियों को इस आयोजन में भाग लेने का अवसर मिला है। चयनित विद्यार्थियों में आर.पी.आई.सी., महाराजगंज सहित क्षेत्र के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हैं।

इस टेक्नो फेस्टिवल का आयोजन रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट, संकल्प दीप ट्रस्ट तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है।

यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ-साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई जानकारियां हासिल करने, दूसरे प्रतिभागियों से सीखने और भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का अवसर भी बनेगा।

संसाधनों की कमी प्रतिभा की राह नहीं रोक सकती

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम का मानना है कि पूर्वांचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता को समय रहते पहचाना जाए तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थी भी विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय संभावनाएं रखते हैं। सही मार्गदर्शन, प्रयोग करने के अवसर और निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर ये विद्यार्थी प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं।

इसी उद्देश्य से डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, तार्किक क्षमता बढ़ाने, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और समस्याओं का समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित करने के लिए कार्य कर रहा है।

संस्था का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में शामिल कराना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास जगाना और उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करना भी है।

कई संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

इस उपलब्धि में विभिन्न शैक्षणिक, वैज्ञानिक और नवाचार से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।

इस सामूहिक प्रयास से जुड़ी संस्थाओं में डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, गोरखपुर; डे एंड नाइट स्पेस इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर; कृत्रिम स्पेस टेक एलएलपी, हैदराबाद; भारत विज्ञान यात्रा; आर.पी.आई.सी., महाराजगंज; कासिम इंटर कॉलेज, सिद्धार्थनगर; स्मार्ट स्टडी क्लासेज, कुशीनगर; प्रैक्सिस विद्यापीठ, बस्ती; क्रिस्तुराजा पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, गोरखपुर; एस.आर.एल. अकादमी, सिद्धार्थनगर; लैब सॉल्यूशन, हरियाणा; स्पेस टू स्पेस; कलाग्रह, मध्य प्रदेश; इंडोप्लैनेटएक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, रुड़की, उत्तराखंड; ए.डब्ल्यू. इंटरप्राइजेज, तमिलनाडु तथा के.पी. टेक्नो लाइफ, अमरावती, महाराष्ट्र सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

इन संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

विद्यार्थियों की सफलता पर फाउंडेशन ने जताई खुशी

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की संस्थापक प्रिया यादव और सह-संस्थापक सरोज सहित पूरी टीम ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

टीम का कहना है कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने की शुरुआत विद्यार्थियों में जिज्ञासा जगाने, उनकी प्रतिभा पहचानने और उन्हें प्रयोग तथा नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने से होती है।

गुजरात में आयोजित होने वाले टेक्नो फेस्टिवल में पूर्वांचल के विद्यार्थियों की भागीदारी इसी दिशा में एक उत्साहजनक कदम है। उम्मीद जताई गई है कि इस आयोजन से विद्यार्थियों को सीखने, नए अनुभव प्राप्त करने और अपनी क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।

वैज्ञानिकों, शिक्षकों और सहयोगियों ने दी शुभकामनाएं

फाउंडेशन की ओर से चयनित विद्यार्थियों, उनके शिक्षकों, अभिभावकों और संबंधित विद्यालयों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई है।

संस्था से जुड़े सहयोगियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को मजबूत करने में सहायक होंगे।

इस अवसर पर डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम के साथ इसरो, डीआरडीओ तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े संस्थानों के वर्तमान एवं पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के सहयोग का भी उल्लेख किया गया।

शुभकामनाएं देने वालों में डॉ. चंद्रमौली जोशी, डॉ. जे.जे. रावल, डॉ. दिलीप भट्ट, डॉ. ए.सी. माथुर, डॉ. आलोक माथुर, डॉ. एस.पी. व्यास, इंजीनियर जयंत पी. जोशी, प्रो. हरि ओम वत्स, प्रो. चंद्रमौली सोलंकी, प्रो. मुकेश कुमार, चित्रा सिंह, परिधि व्यास, कावेरी यादव, इरितिका यूसुफ, अज़हर यूसुफ, इंजीनियर वी.एन. राव रेड्डी, डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ. पर्वथालु कालाकोंडा, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रो. आर.आर. एलांगेवन, डॉ. अमित, डॉ. चक्रपाणी पटनायक, संजीव कुमार, अरविंद सिंह पटेल, हरिकेश यादव, डॉ. राहुल व्यास, हरिशंकर, विजय कुमार, राम कृपाल, मुस्तन शेरूल्लाह, अमरेश कुमार, गड्डालेय श्रुति हर्षिणी, अनुराधा, भारती एस. राज, डॉ. अंकित कुमार, कार्तिक परिधि, सतीश रमेश, बृजेश यादव, नवीन कुमार, सत्यराम, देवेंद्र कुमार, एस.टी. अली, राम सिंह, रोहित कुमार, दिशांक श्रीवास्तव, प्रदीप यादव, डॉ. देवेंद्र शुक्ला, डॉ. के. एझिलन, गजेंद्र त्रिपाठी, मारुत पांडे, अनुराग श्रीवास्तव, शोभित श्रीवास्तव, महेंद्र यादव, अभिनाश, आलोक कुमार, निगमानंद अग्रहरि, दीपक, राकेश कुमार श्रवण, प्रसून शुक्ला तथा खगोलविद अमर पाल सिंह सहित अनेक लोगों के नाम शामिल हैं।

सभी ने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों और प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

26 विद्यार्थियों की उपलब्धि, हजारों बच्चों के लिए उम्मीद

पूर्वांचल के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि केवल 26 विद्यार्थियों की सफलता नहीं, बल्कि उन तमाम बच्चों के लिए उम्मीद का संदेश है, जिनमें प्रतिभा तो है, लेकिन जिन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए सही मंच का इंतजार है।

विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नए प्रयोग करने की इच्छा और कुछ नया सीखने का उत्साह ही भविष्य के वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं की नींव तैयार करता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर सोचने और नई संभावनाओं को पहचानने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

स्रोत: डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति।

लेखक: अमर पाल सिंह

संपादकीय प्रस्तुति: असित भट्टाचार्य, संपादक, जमीनी आवाज