जमीनी आवाज | विशेष रिपोर्ट

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | असित भट्टाचार्य की कलम से

सपनों को पंख, प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच! पूर्वांचल के 23 विद्यार्थी विज्ञान की नई उड़ान भरने गुजरात रवाना

ग्रामीण अंचलों से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सुनहरा अवसर; डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के प्रयासों से 31 सदस्यीय टीम छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल में दिखाएगी अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार की प्रतिभा।

गोरखपुर से गुजरात तक प्रतिभा का सफर, भविष्य के वैज्ञानिकों के हौसलों को मिली नई उड़ान

गोरखपुर। सपने जब बड़े हों, हौसलों में उड़ान हो और प्रतिभा को सही मार्गदर्शन मिले, तो गांव की गलियों से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का रास्ता भी खुलने लगता है। पूर्वांचल के विद्यार्थियों की ऐसी ही उम्मीदों और संभावनाओं की प्रेरक तस्वीर सामने आई है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के उद्देश्य से गोरखपुर सहित पूर्वांचल के पांच जिलों के 23 विद्यार्थी और आठ शिक्षक एवं मेंटर्स की कुल 31 सदस्यीय टीम गुजरात के लिए रवाना हुई है।

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (DANSF), गोरखपुर के प्रयासों से चयनित यह टीम गुजरात के अंकलेश्वर में 24 और 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल में हिस्सा लेगी। इस आयोजन में विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार से जुड़े प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

टीम की रवानगी के अवसर पर लैब सॉल्यूशन्स के निदेशक संजीव कुमार के साथ निगमा नंद अग्रहरि, दिनेश यादव, बृजेश यादव, अंजनी मिश्रा, आलोक साहनी, आकाश साहनी, राजेंद्र कुमार सहित अन्य सहयोगियों और नवापार के ग्रामवासियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा हरी झंडी दिखाकर टीम को रवाना किया।

पांच जिलों के विद्यार्थियों को मिला प्रतिभा दिखाने का अवसर

इस 31 सदस्यीय दल में गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर के विद्यार्थी शामिल हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों से आने वाले इन विद्यार्थियों का चयन इस बात का संकेत है कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाएं भी विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।

चयनित विद्यार्थियों में गोरखपुर से आदित्य यादव और अंशिका यादव शामिल हैं। कुशीनगर से श्याम जी और अभिनव कुमार को अवसर मिला है। महराजगंज से शुभम यादव, अमित विश्वकर्मा, काजल निषाद, कोमल जायसवाल, श्रेयांशी रौनियार और अंकित श्रीवास्तव चयनित हुए हैं।

इसी क्रम में बस्ती से दिव्यांश चौधरी, अमरमणि पांडे, आदित्य सोनी, अनंत पांडे, अरुण, तेजस राठौर और कृष्णा वर्मा को टीम में शामिल किया गया है। सिद्धार्थनगर से दीपक कुमार, अवंतिका, शिवांगी, अनुज कुमार, आंचल, बिंद्रावती और नेहा चयनित हुई हैं।

इन विद्यार्थियों में आरपीआईसी, महराजगंज सहित पूर्वांचल के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विद्यार्थी शामिल हैं। गुजरात में आयोजित होने वाला यह आयोजन उनके लिए केवल किसी प्रतियोगिता या कार्यक्रम में भागीदारी भर नहीं है, बल्कि विज्ञान की दुनिया को करीब से समझने, अपने विचारों को प्रस्तुत करने और नए अनुभवों से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाने में जुटा डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की संस्थापक प्रिया यादव और सह-संस्थापक सरोज के नेतृत्व में संस्था विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए प्रयासरत है। संस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े व्यावहारिक अवसरों से परिचित कराना भी है।

इस पहल में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी संस्थाओं और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सहयोग करने वाली संस्थाओं में डे एंड नाइट स्पेस इनोवेशन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, कुरत्रिम स्पेस टेक एलएलपी, भारत विज्ञान यात्रा, आरपीआईसी महराजगंज, कासिम इंटर कॉलेज सिद्धार्थनगर, स्मार्ट स्टडी क्लासेज कुशीनगर, प्रैक्सिस विद्यापीठ बस्ती, क्रिस्तुराजा पब्लिक जूनियर हाईस्कूल गोरखपुर, एसआरएल अकादमी सिद्धार्थनगर, लैब सॉल्यूशन्स हरियाणा, स्पेस टू स्पेस, कलाग्रह मध्य प्रदेश, इंडोप्लैनेटएक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड रुड़की, ए.डब्ल्यू. इंटरप्राइजेज तमिलनाडु और केपी टेक्नो लाइफ अमरावती, महाराष्ट्र शामिल हैं।

आयोजन में रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट और संकल्प दीप ट्रस्ट सहित अन्य संस्थाओं का भी सहयोग है।

वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का हौसला

गुजरात रवाना हुई टीम को विज्ञान जगत, शिक्षा जगत और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने शुभकामनाएं दी हैं। शुभकामना देने वालों में डॉ. चंद्रमौली जोशी, डॉ. जे.जे. रावल, डॉ. दिलीप भट्ट, डॉ. ए.सी. माथुर, डॉ. आलोक माथुर, डॉ. एस.पी. व्यास, इंजीनियर जयंत पी. जोशी, प्रो. हरिओम वत्स, प्रो. चंद्रमौली सोलंकी, प्रो. मुकेश कुमार, चित्रा सिंह, परिधि व्यास, कावेरी यादव, इरितिका यूसुफ, अज़हर यूसुफ, इंजीनियर वी.एन. राव रेड्डी, डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ. पर्वथालु कालाकोंडा, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रो. आर.आर. एलांगेवन, डॉ. अमित, डॉ. चक्रपाणी पटनायक, अरविंद सिंह पटेल, हरिकेश यादव और डॉ. राहुल व्यास सहित अनेक लोग शामिल हैं।

इसके अलावा हरिशंकर, विजय कुमार, राम कृपाल, मुस्तन शेरूल्लाह, अमरेश कुमार, गड्डालेय श्रुति हर्षिणी, अनुराधा, भारती एस. राज, डॉ. अंकित कुमार, कार्तिक परिधि, सतीश रमेश, बृजेश यादव, नवीन कुमार, सत्यराम, डॉ. दुर्गेश शाही, जय प्रकाश ओझा, मनीषा सिंह, आनंदमई पांडे, शोभा चौहान, शालिनी त्रिपाठी, दिनेश कुमार यादव, देवेंद्र कुमार, एस.टी. अली, रोहित कुमार, दिशांक श्रीवास्तव, प्रदीप यादव, डॉ. देवेंद्र शुक्ला, डॉ. के. एझिलन, गजेंद्र त्रिपाठी, मारुत पांडे, अनुराग श्रीवास्तव, शोभित श्रीवास्तव, महेंद्र यादव, अभिनाश, आलोक कुमार, शक्ति सिंह, दीपक, राकेश कुमार श्रवण, राज नरायन, प्रसून शुक्ला और खगोलविद अमर पाल सिंह सहित अनेक लोगों ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

गांव से राष्ट्रीय मंच तक: संभावनाओं को पहचानने की जरूरत

पूर्वांचल के इन विद्यार्थियों की गुजरात यात्रा एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। प्रतिभा किसी बड़े शहर, महंगे संस्थान या विशेष सुविधा की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, सीखने का अवसर और प्रोत्साहन मिले तो छोटे शहरों और ग्रामीण परिवेश से आने वाले विद्यार्थी भी अपनी क्षमताओं को नए आयाम दे सकते हैं।

विज्ञान और तकनीक का भविष्य ऐसे ही जिज्ञासु विद्यार्थियों के विचारों, प्रयोगों और नए सवालों से आकार लेता है। इसलिए जरूरी है कि विद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं और समाज के अन्य वर्गों की ओर से बच्चों को सीखने, प्रयोग करने और अपनी कल्पनाओं को साकार करने के पर्याप्त अवसर दिए जाएं।

डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के अनुसार, इस आयोजन में विद्यार्थियों की भागीदारी उन्हें नए अनुभव प्रदान करने के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

जमीनी आवाज की बात

इन 23 विद्यार्थियों की यात्रा सिर्फ गुजरात पहुंचने की कहानी नहीं, बल्कि उन सपनों की कहानी है जिन्हें अवसर मिलने पर नई दिशा मिल सकती है। आज ये विद्यार्थी विज्ञान और नवाचार के राष्ट्रीय मंच की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कल इनमें से कोई नया आविष्कार कर सकता है, कोई वैज्ञानिक बन सकता है और कोई देश की तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उसे आगे बढ़ने का अवसर देना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। पूर्वांचल के इन विद्यार्थियों की यह यात्रा उम्मीद जगाती है कि यदि प्रतिभा को सही दिशा मिले, तो भविष्य की नई इबारत गांवों और छोटे शहरों से भी लिखी जा सकती है।

जमीनी आवाज की ओर से पूरी टीम को उज्ज्वल भविष्य और सफल सहभागिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

खबरें जमीन की जमाने की।...असित भट्टाचार्य

संपादक एवं प्रधान संपादक...जमीनी आवाज